“भाभी कित्ता अच्छा होता ना हम कुत्ता बनकर पैदा होते तो” ..उस दिन सुबह सुबह बर्तन मांझते हुए मेरी हेल्पर सुमन बोली.
“तेरा दिमाग खराब हो गया है क्या ? सुबह सुबह क्या कह रही है.” मैंने कहा.
“अरे भाभी हमसे अच्छे तो ये कुत्ते हैं ..इन्हें कोई मारे तो तुरंत पुलिस आ जाती है ..लोग इनके बचाव में लड़ रहे हैं ..और एक हम हैं रोज दारु पीकर आदमी हमारी हड्डियाँ तोड़ता है फिर भी कोई नहीं आता बचाने ..और पुलिस शिकायत तक दर्ज नहीं करती, खाते रहो धक्के |”

