हमारे एक पड़ोसी जी का एक लाडला टाइप तीस साल का बेटा है जो कामकाज में कतई भरोसा नहीं रखता, हां उसे अपने पिता पर भरोसा जरुर है कि वे सब कुछ सम्भाल लेंगे ..हर बात में जबाब देता है पापा बहुत मेहनती हैं, वो कर लेंगे| मेहनत करते करते बाप के कंधे झुक चुके हैं पर बेटे का कॉन्फिडेंस हिमालय की चोटी पर है |
पिछले दिनों गाड़ी खरीदी तो दोस्तों ने कहा, “यार इसकी किश्त तो तू देगा ना ?” क्यों मैं क्यों दूंगा पापा देंगे ना .. कोई कहता यार अब तू बड़ा हो गया है कुछ कमाया कर ..तो वो कहता पापा के पास बहुत पैसा है ..और जब मेरे पापा को मेहनत पसंद है तो मैं मेहनत क्यों करूं ?
कोई कहता यार कुछ कोर्स कर ले ..अरे यार पापा इस उम्र में कोर्स कैसे करेंगे वे मेहनती हैं पर कोर्स करवाना ठीक नहीं ..
मतलब हर जिम्मेदारी पापा की.. दोस्त माथा पीट लेते हैं |

