Wednesday, April 15, 2026
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अनुपमा अनुश्री की बाल कविता – समुद्र तट

अवि,मेरा प्यारा
उसे बहुत भाता
समुद्र किनारा ।
जब  छुट्टी पाता
समुद्र तट की
सैर कर आता।
मम्मी -पापा जल्दी करो
मेरे सी-गागल्स, पैड्स
स्विमसूट, बैग में भरो।
खिलौने मत भूलना
रेत का घर बनाने और
सनस्क्रीन भी साथ लेना।
दूर से दिखा समुद्र तट
खिली अवि के चेहरे
पर मुस्कुराहट।
खूब  है चहल-पहल
समुद्र तट पर
दौड़ते हुए बच्चे चंचल।
अवि को तैरना है भाया
किसी बच्चे पर
मौसम का जादू छाया ।
सबने बनाया रेत का घर
उसे सीपियों और झंडे से
सजाया सुंदर, मिलकर।
अनुपमा अनुश्री
अनुपमा अनुश्री
साहित्यकार, कवयित्री, एंकर, समाजसेवी. संपर्क - [email protected]
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