होमकविताअंकुर सचदेव की कविता - मुझे मेरा बचपन दोबारा जीना है! कविता अंकुर सचदेव की कविता – मुझे मेरा बचपन दोबारा जीना है! By Editor March 28, 2019 0 543 Share FacebookTwitterPinterestWhatsApp अंकुर सचदेव मौत को दो पल और टाल दो, मुझे मेरा बचपन दोबारा जीना है। मुझे बेगाने शहर के इस अंजाने कमरे में, मां के स्नेहिल हाथ से एक गिलास दूध और पीना है। मुझे मेरा बचपन दोबारा जीना है। बीच में पड़ी चारपाई थोड़ी खिसका दो, मुझे पिताजी की गेंद पर एक रन और बनाना है। सब को बता दो गली का राजा आ रहा है, क्योंकि मुझे परेशान करने वालों को मारने मेरा बड़ा भाई आ रहा है। धोनी के चौके छक्के पर दोस्तों के साथ सीटी बजाना है मुझे मेरा बचपन दोबारा जीना है। कड़वाहट के दौर में मिठास उस खोए हुए मिठास को पाना है दादा जी की पीठ पर लद कर एक बार फिर चीनी की बोरी बनना है। भैया की डांट दादी की झिड़की का शरबत पीना है मुझे मेरा बचपन दोबारा जीना है। इस अँधेरे उदास कमरे में यूँ ही घुट घुट के जब मरना है लेकिन पहले मुझे मेरा बचपन दोबारा जीना है। गली छूटी शहर छूटा बस यादों का खिलौना है मुझे मेरा बचपन दोबारा जीना है। मौत को दो पल और टाल दो, मुझे मेरा बचपन एक बार और जीना है। Share FacebookTwitterPinterestWhatsApp पिछला लेखप्रख्यात फिल्म अभिनेता राजेन्द्र गुप्ता से मधु अरोड़ा की बातचीतअगला लेखसंजय कुमार अविनाश की लघुकथा – गुरुजनों की सेवा Editor RELATED ARTICLES कविता सुजाता दाश की कविता, हिंदी : मेरे भीतर का पहला घर September 5, 2026 कविता सूर्यकांत शर्मा की कविता – किराए का मकान August 22, 2026 कविता विनय सिंह बैस ‘सूरज’ की कविता- इस सावन क्या कह पाओगी? August 22, 2026 कोई जवाब दें जवाब कैंसिल करें टिप्पणी: कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें! नाम:* कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें ईमेल:* आपने एक गलत ईमेल पता दर्ज किया है! कृपया अपना ईमेल पता यहाँ दर्ज करें वेबसाइट: Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment. Δ This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed. Most Popular कविताएँ बोधमिता की November 26, 2018 कहानीः ‘तीर-ए-नीमकश’ – (प्रितपाल कौर) August 5, 2018 अपनी बात…… April 6, 2018 आशुतोष कुमार की ग़ज़लें June 1, 2024 और अधिक लोड करें Latest सुजाता दाश की कविता, हिंदी : मेरे भीतर का पहला घर September 5, 2026 सोनिया गाँधी की प्रेम यात्रा… August 29, 2026 आभासी रिश्ते, पास कोई नहीं August 22, 2026 सविता मिश्रा ‘अक्षजा’ की कहानी -दोस्ती की लकीर August 22, 2026 और अधिक लोड करें