पुराने राजा महाराजा युद्ध करके अपने युद्ध कौशल का प्रदर्शन करते थे। युद्ध से पहले सेना तरह तरह के युद्धाभ्यास करती थी। युद्ध का बिगुल बजते ही दोनों सेनाएं आमने सामने आती। तरह तरह के हथियारों का इस्तेमाल होता था। दोनों तरफ की सेनायें जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक देती थी | युग बदल गया। राज करने का तरीका बदल गया।
आज युद्ध का नहीं चुनावी बिगुल बजता है। अब तैयारियां नए ज़माने के नए हाई टेक तरीके से होती हैं। आईटी टीम सेनापति है, नेताजी राजा हैं और कार्यकर्ता इनकी सेना। तरह तरह के हथियार एक दूसरे के खिलाफ इस्तेमाल किये जाते हैं। चरित्र से लेकर परिवार तक पर सीधे अटैक होता है। जुबान से ऐसे ऐसे फूल झरते हैं कि जनता हैरान परेशान सी आँखे फाड़े राजनीती के इस नए रूप को देख कर सन्न है।

