“कृपया अपना गूगल ज्ञान घर पर छोड़ कर आयें” डाक्टर के क्लिनिक के बाहर बोर्ड लगा था जिसे पढ़कर एक सास के कलेजे को काफी ठंडक पहुंची। ये वही सास है जिसकी बहू प्रेग्नेंट हुई तो मारे ख़ुशी के इस बेचारी ने वे सारी हिदायतें अपनी बहू को चेपने की कोशिश की जो कभी इनकी सास ने इन्हें थमाई थी …और इन्होने बड़े प्यार और इज्जत के साथ थाम भी ली थी ..और थाम लिया था एक सपना जो आज पूरा होने जा रहा था…
पर, अब ज़माने ने तरक्की कर ली और अपने स्मार्ट फोन की बदौलत स्मार्ट हो चुकी इनकी बहु ने हिदायत के उस पोटले को जैसे का तैसा सास को वापिस थमा डाला और बोली …”ओ चिल सासू माँ मेरे पास गूगल है जो मुझे लेटेस्ट जानकारी देता है आप अपनी ओल्ड फैशन घिसी पिटी हिदायतें अपने पास रखें” छन्न से सास का सपना टूट गया और वो बेचारी सोचने लगी कि कौन है ये गूगल जो मेरे सपने के बीच आ गया और मेरी जगह ले ली।

